2021

आओ एक बाज़ी एक बार फिर हो जाये
पोकर की एक रात एक बार फिर हो जाये

इमारतें बनतीं बिगड़तीं गिरतीं धूल में मिटतीं
ख़ाक से ख़ाक का ये सफर एक बार फिर हो जाये

साल जो बीत गया उसमे बहुत खून बहाया है तुमने
चलो एक जाम उन ज़ख्मों के…

कि दिल को क़रार आ जाए

ऐसा क्या हो जाए कि दिल को क़रार आ जाए
इन सूने बगीचों में फिर बहार आ जाए

अगर हँसी नहीं तो मुस्कान ही आ जाए
अगर यकीन नहीं तो गुमान ही आ जाए

दिल पर रहती है चौबीस घंटे पहरेदारी
जाने कब कौनसी खबर कहाँ से आ जाए

अधूरे…

खामोशियाँ शोर भी तो हो सकती हैं

मुलाकातें सूनी भी तो हो सकती हैं
खामोशियाँ शोर भी तो हो सकती हैं

किवाड़ों पर साँकरें कसने से क्या फ़ायदा
परेशानियां घर में भी तो हो सकती हैं

खुशियों के दाने यहाँ वहाँ बिखरे हुए
साज़िशें ये किसी सय्याद की भी तो हो सकती हैं

कौन है यहाँ मुकम्मल…

Alone I am not but I like to be alone

alone i am not but i like to be alone
truth is happy i am when i am alone

a sea of sorrows threaten to drown me
on an island i am safely stranded alone

everything seems to be so well planned
a plot it is to somehow corner me alone…

जलाता हूँ रोज उसे, पर रावण ये मरता नहीं

चाहने से खुशी मिलती सही, पर गम ये जाते नहीं
कभी मैं राम न था, और कभी तुम सीता नहीं

किसी के शक पर यक़ीं, हाय रे कैसी मेरी मति
इम्तिहान तुम देती रही, मैं भी कुछ बोला नहीं

सुनहरे मृग होते नहीं, आँखें ये भ्रम पढ़ न सकीं
उम्र…

Saurabh

a compulsive traveler

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