Saurabh

Photo by Nick Fewings on Unsplash

खुश होकर रह जाते हो हर बार
कम से कम आज तो मुस्करा दो एक बार

माना कुछ ख़ास नहीं आज का दिन
पर आता है साल में एक ही बार

मोमबत्ती एक बढ़ गयी तो क्या
फूल भी तो एक ज़्यादा है अब की बार

मेरी हर वजह बहाना…

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Photo by Bhautik Andhariya on Unsplash

सच में सच निकलने लगते हैं
कुछ ख़्वाब हम बुनने लगते हैं

जन्मों का सफर हो जैसे एक नज़र
यूँ ही नहीं आप अपने से लगने लगते हैं

रक़ीबों की भीड़ में हम भी एक रक़ीब हों
उम्मीदें कुछ खुद से भी रखने लगते हैं

मारे डर के यहाँ पसीना…

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Photo by Jane Boyd & ECE Workshops on Unsplash

ये तो हमको ख़बर ही न थी
कि हर ख़बर बेख़बर न थी

माना कि चाँद में दाग तो होते हैं
पर उसके नूर में कोई कमी न थी

जब आँखें ही करें गैरों से वफ़ा
चाह कर भी कोई बात छिपी न थी

एक बार तो हाल पूछते सौरभ
इतनी…

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Photo by Artur Łuczka on Unsplash

as if racing towards a finishing line
daring to leave just the ashes behind
like a fire greedy to burn the time
120 beats per minute my heart beats at

ready to jump from a cliff so high
not caring whether i live or if i die
giving me away whenever i…

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Photo by Esteban Lopez on Unsplash

आओ एक बाज़ी एक बार फिर हो जाये
पोकर की एक रात एक बार फिर हो जाये

इमारतें बनतीं बिगड़तीं गिरतीं धूल में मिटतीं
ख़ाक से ख़ाक का ये सफर एक बार फिर हो जाये

साल जो बीत गया उसमे बहुत खून बहाया है तुमने
चलो एक जाम उन ज़ख्मों के…

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